बीरबल का जन्म
Posted by: sexyapsra on: July 23, 2009
जब महेश दास जवान हुआ तो वह अपना भाग्य आजमाने राजा बीरबल के पास गया. उसके पास राजा द्वारा दी गई अंगूठी भी थी जो उसने कुछ समय पहले राजा से प्राप्त की थी. वह अपनी माँ का आशीर्वाद लेकर भारत की नई राजधानी – फतैपुर सीकरी की तरफ़ चल दिया.
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ऊँट की गर्दन क्यों मुडी है? (अकबर-बीरबल)
Posted by: sexyapsra on: July 23, 2009
ऊँट की गर्दन क्यों मुडी है (अकबर-बीरबल)
अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे. एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की. लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को धनराशि (पुरस्कार) प्राप्त नहीं हुई. बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महारज को याद दिलायें तो कैसे?
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मैं आपका नौकर हूँ, बैंगन का नहीं!!!
Posted by: sexyapsra on: July 23, 2009
एक दिन अकबर और बीरबल महल के बागों में सैर कर रहे थे. फले-फूले बाग को देखकर अकबर बहुत खुश थे. वे बीरबल से बोले, “बीरबल, देखो यह बैंगन, कितनी सुनदर लग रहे हैं!” इनकी सब्जी कितनी स्वादिष्ट लगती है! बीरबल, मुझे बैंगन बहुत पसंद हैं. हाँ महाराज, आप सत्य कहते हैं. यह बैंगन है ही ऐसी सब्जी, जो ना सिर्फ देखने में ब्लकि खाने में भी इसका कोई मुकाबला नहीं है. और देखिये महाराज भगवान ने भी इसीलिये इसके सिर पर ताज बनाया है. अकबर यह सुनकर बहुत खुश हुआ.
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तोता ना खाता है ना पीता है… (अकबर-बीरबल)
Posted by: sexyapsra on: July 23, 2009
एक बहेलीये को तोते में बडी ही दिलचस्पी थी. वह उन्हें पकडता, सिखाता और तोते के शौकीन लोगों को ऊँचे दामों में बेच देता था. एक बार एक बहुत ही सुन्दर तोता उसके हाथ लगा. उसने उस तोते को अच्छी-अच्छी बातें सिखायीं उसे तरह-तरह से बोलना सिखाया और उसे लेकर अकबर के दरबार में पहुँच गया. दरबार में बहेलिये ने तोते से पूछा – बताओ ये किसका दरबार है? तोता बोला, “यह जहाँपनाह अकबर का दरबार है”. सुनकर अकबर बडे ही खुश हुए. वह बहेलिये से बोले, “हमें यह तोता चाहिये, बोलो इसकी क्या कीमत माँगते हो”. बहेलीया बोला जहाँपनाह – सब कुछ आपका है आप जो दें वही मुझे मंजूर है. अकबर को जवाब पसंद आया और उन्होंने बहेलिये को अच्छी कीमत देकर उससे तोते को खरीद लिया.
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तीन सवाल – (अकबर-बीरबल)
Posted by: sexyapsra on: July 23, 2009
महाराजा अकबर, बीरबल की हाज़िरजवाबी के बडे कायल थे. उनकी इस बात से दरबार के अन्य मंत्री मन ही मन बहुत जलते थे. उनमें से एक मंत्री, जो महामंत्री का पद पाने का लोभी था, ने मन ही मन एक योजना बनायी. उसे मालूम था कि जब तक बीरबल दरबार में मुख्य सलाहकार के रूप में है उसकी यह इच्छा कभी पूरी नहीं हो सकती.
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कुँए का पानी
Posted by: sexyapsra on: July 23, 2009
एक बार एक आदमी ने अपना कुँआ एक किसान को बेच दिया. अगले दिन जब किसान ने कुँए से पानी खिंचना शुरू किया तो उस व्यक्ति ने किसान से पानी लेने के लिये मना किया. वह बोला, “मैने तुम्हें केवल कुँआ बेचा है ना कि कुँए का पानी”.
किसान बहुत दुखी हुआ और उसने अकबर के दरबार में गुहार लगाई. उसने दरबार में सबकुछ बताया और अकबर से इंसाफ माँगा.
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शेखचिल्ली और खुरपा
Posted by: sexyapsra on: July 23, 2009
एक बार घरवालों ने शेखचिल्ली को घास खोदने के लिए जंगल भेज दिया। दोपहर तक उसने एक गट्ठर घास खोद ली और गट्ठर उठाकर घर चला आया। घरवाले बड़े खुश हुए। पहली बार शेखचिल्ली ने कोई काम किया था।
परंतु जब कई घंटे बीच गए तब शेखचिल्ली को याद आया कि घास खोदने के लिए जिस खुरपे को वह ले गया था, वह तो वहीं रह गया है, जहाँ उसने घास खोदी थी।
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अकबर बीरबल: अंधे ज्यादा या देखने वाले?
Posted by: sexyapsra on: July 23, 2009
एक दिन अकबर ने बीरबल से पूछा, बीरबल ज़रा बताओ तो उस दुनिया मी किसकी संख्या अधिक है, जो देख सकते हैं या जो अंधे हैं ?
एक दिन अकबर ने बीरबल से पूछा, बीरबल ज़रा बताओ टू उस दुनिया मी किसकी संख्या अधिक है, जो देख सकते हैं या जो अंधे हैं ?
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ऐसी कौन सी चीज है ….
Posted by: sexyapsra on: July 23, 2009
ऐसे ही एक दिन बादशाह ने फ़िर से दरबार में एक प्रश्न उछाल दिया कि ” बताओ ऐसी कौन सी चीज है जिस पर सूरज और चाँद की रोशनी नही पड़ती है ” ?
ऐसे सवाल का भला कौन उत्तर दे सभी चुप हो गए .
यही सवाल बीरबल से बादशाह ने पूछा तो बीरबल कुछ देर सोचते रहे फ़िर बोले – ” जहाँपनाह ऐसी तो केवल एक ही चीज हो सकती है ” .
बादशाह ने उत्सुकता से पूछा – वह क्या है भला ?
बीरबल ने उत्तर दिया – ” अँधेरा यही एक ऐसा होता है जिस पर सूरज और चाँद की रोशनी नही पड़ती है.
गंगा और यमुना
Posted by: sexyapsra on: July 23, 2009
एक बार अकबर ने भरे दरबार में अपने दरबारियो से पूछा – ” बताओ किस नदी का पानी सबसे अच्छा है ”
सभी दरबारियो ने एकमत से उत्तर दिया ” गंगा का पानी सबसे अच्छा होता है ”
लेकिन बादशाह के प्रश्न का उत्तर बीरबल ने नही दिया उसे मौन देखकर बादशाह बोले – बीरबल तुम चुप क्यो हो ?
बीरबल बोले – बादशाह हुजूर पानी सबसे अच्छा यमुना नदी का होता है .
बीरबल का यह उत्तर सुनकर बादशाह को बड़ी हैरानी हुई और बोले तुमने ऐसा किस आधार पर कहा है जबकि तुम्हारे धर्मग्रंथो में गंगा नदी के पानी को सबसे शुद्ध व पवित्र बताया गया है और तुम कह रहे हो कि यमुना नदी का पानी सबसे अच्छा होता है .
बीरबल ने कहा – ” हुजूर मै भला पानी की तुलना अमृत के साथ कैसे कर सकता हूँ . गंगा में बहने वाला पानी केवल पानी नही बल्कि अमृत है इसीलिए मैंने कहा था कि पानी यमुना का सबसे अच्छा है . बादशाह और सभी दरबारी निरुत्तर हो गए और उन्हें मानना पड़ा कि बीरबल सही कह रहे है .